मध्य प्रदेश: एक परिचय
- मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय प्रदेश कहा जाता है, भौगोलिक रूप से देश के लगभग मध्य में स्थित है। इसकी ऐतिहासिक विरासत, विविध भौगोलिक संरचना, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैवविविधता इसे सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से विशेष महत्व प्रदान करती है।
- यहाँ स्थित भीमबेटका और आदमगढ़ जैसे पुरातात्विक स्थल मानव सभ्यता के प्राचीनतम प्रमाणों में गिने जाते हैं। वैदिक साहित्य में इसे 'दक्षिणापथ' और 'रेवोत्तर' के रूप में उल्लेखित किया गया है। छठी शताब्दी ई. पू. में यह अवन्ति महाजनपद का हिस्सा था, जिसकी राजधानी उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) थी।
- मध्य प्रदेश एक स्थल-बद्ध (Land-Locked) राज्य है, जिसकी सीमाएँ किसी भी समुद्री तट या विदेशी राष्ट्र से नहीं जुड़तीं। सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रेणियों से घिरा यह प्रदेश कई प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल भी है, इसलिए इसे 'नदियों का मायका' कहा जाता है।
- नर्मदा, ताप्ती, क्षिप्रा, चंबल और सोन जैसी नदियाँ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए रखने के साथ-साथ कृषि और औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सिंचाई और बहुउद्देशीय परियोजनाओं के माध्यम से इनका योगदान प्रदेश की समृद्धि में अहम रहा है।
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