मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार
भारत के मध्य में अवस्थित यह प्रदेश लगभग आयताकार है। जिसका उत्तर से दक्षिण की ओर विस्तार 605 किमी. तथा पूर्व से पश्चिम की ओर विस्तार 870 किमी. है। प्रदेश की सीमा उत्तर में चम्बल नदी, दक्षिण में ताप्ती नदी, पूर्व में मैकल पर्वत श्रेणी तथा पश्चिम में राजपीपला पहाड़ी द्वारा निर्धारित होती है।
मध्य प्रदेश : केन्द्र बिन्दु
केन्द्र बिन्दु | स्थान |
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पृथ्वी का केन्द्र बिन्दु | मंगलनाथ (उज्जैन) |
अखंड भारत का केन्द्र बिन्दु | बरसाली (बैतूल) |
अविभाजित भारत का केन्द्र बिन्दु | करौंदी (कटनी) |
वर्तमान भारत का केन्द्र बिन्दु | विदिशा |
मध्य प्रदेश का केन्द्र बिन्दु | सागर |
- मध्य प्रदेश अक्षांशीय दृष्टि से उत्तरी गोलार्द्ध तथा देशांतरीय दृष्टि से पूर्वी गोलार्द्ध में विस्तृत है।
- मध्य प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 3,08,252 वर्ग किमी. है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 9.38 प्रतिशत है।
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के तीन बड़े राज्य
राज्य | क्षेत्रफल (वर्ग किमी.) |
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राजस्थान | 3,42,239 |
मध्य प्रदेश | 3,08,252 |
महाराष्ट्र | 3,07,713 |
कर्क रेखा की स्थिति
कर्क रेखा (23°30 ' उत्तरी अक्षांश) मध्य प्रदेश को दो बराबर भागों में विभाजित करती है, जो प्रदेश के 14 जिलों से होकर गुजरती है।
इन जिलों का पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम निम्नवत् है- रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, उमरिया तथा शहडोल।
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